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शनिवार, 31 जनवरी 2015

"राजू की चालाकी"

एक आयुर्वेदिक डॉक्टर को जॉब नही मिली
तो उसने क्लिनिक खोला और बाहर लिखा
तीन सौ रूपये मे ईलाज करवाये
ईलाज नही हुआ तो एक हजार रूपये वापिस....

उसी के पड़ोस में राजू रहता था। जो की अपने को बहुत चालाक समझता था।

उसने सोचा कि एक हजार रूपये कमाने का अच्छा मौका है
वो क्लिनिक पर गया
और बोला
मुझे किसी भी चीज का स्वाद नही आता है

(डॉक्टर समझ गया की ये मुझे बेवकूफ बनाने आया है।)

डॉक्टर : बॉक्स नं.२२ से दवा निकालो और ३ बूँद पिलाओ
नर्स ने पिला दी

राजू : ये तो गोमूत्र है।

डॉक्टर : मुबारक हो आपको टेस्ट महसूस हो गया
लाओ तीन सौ रूपये

राजू को गुस्सा आ गया। उसने सोचा वो इसका बदला ले के रहेगा और अपने पैसे वापस ले के रहेगा।

कुछ दिन बाद फिर वापिस गया
पुराने पैसे वसूलने

राजू :साहब मेरी याददास्त कमजोर हो गई है

डॉक्टर : बॉक्स नं. २२ से दवा निकालो और ३ बूँद पिलाओ

राजू :(डॉक्टर से )लेकिन वो दवा तो जुबान की टेस्ट के लिए है

डॉक्टर : ये लो तुम्हारी याददास्त भी वापस आ गई
लाओ तीन सौ रुपए।
इस बार राजू बहुत गुस्से में गया।

और अगले ही दिन वापस डॉक्टर के पास गया

राजू : साहब मुझे कुछ ठीक से दिखाई नहीं देता।
डॉक्टर :नर्स वो सीसी लाना और इन्हें 6 बूँद पिलाना।
राजू देखता है, नर्स वही 22 न. की दवा ला रही है और जोर से चिल्लाता है ये तो वही गोमूत्र है।

डॉक्टर : मुबारक हो आपकी नजर भी वापस आ गयी...
लाओ तीन सौ रूपये।
(और राजू की सारी चालाकी निकल गयी)

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