1000 और 500 रू के नोट बन्द होने पर रहिम दास के दोहे
रहिमन कभी ना राखिये, काला धन छुपाए,
जाने कब मोदी बब्बा, सर्जिकल कर जाये...
हरे लाल सब नोट को, जोड़त बने अमीर,
एक रात में हो गए, राजा रंक फ़कीर...
नोटन की बोरी भरी, दिया कभी ना टैक्स,
रोते आज दहाड़ कर, कैसे करें रिलैक्स...
ब्लेक मनी की चाह में, भूल गए दिन रात,
एक चाल में मिल गयी, उनको शय और मात...
मेहनत का ही जोड़िये, कहे रहिम दास
समझ गए सो ठीक है,वरना र्दूदिन पास
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